मंगलवार, 23 अगस्त 2022

आशा का दीपक

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी बड़े काम की*
*💪👩‍🚒आशा का दीपक🤝🕉️*

रात का समय था, चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था , नज़दीक ही एक कमरे में चार दीपक  जल रहे थे। एकांत पा कर आज वे एक दुसरे से दिल की बात कर रही थीं।

पहला दीपक  बोला, ” मैं शांति हूँ , पर मुझे लगता है अब इस दुनिया को मेरी ज़रुरत नहीं है , हर तरफ आपाधापी और लूट-मार मची हुई है, मैं यहाँ अब और नहीं रह सकता। …” और ऐसा कहते हुए , कुछ देर में वो दीपक  बुझ गया।

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दूसरा दीपक  बोला , ” मैं विश्वास हूँ , और मुझे लगता है झूठ और फरेब के बीच मेरी भी यहाँ कोई ज़रुरत नहीं है , मैं भी यहाँ से जा रहा हूँ …” , और दूसरी दीपक  भी बुझ गया।

तीसरे दीपक  ने भी दुखी होते हुए बोला , ” मैं प्रेम हूँ, मेरे पास जलते रहने की ताकत है, पर आज हर कोई इतना व्यस्त है कि मेरे लिए किसी के पास वक्त ही नहीं, दूसरों से तो दूर लोग अपनों से भी प्रेम करना भूलते जा रहे हैं ,मैं ये सब और नहीं सह सकता मैं भी इस दुनिया से जा रहा हूँ….” और ऐसा कहते हुए तीसरा दीपक  भी बुझ गया।

वो अभी बुझा ही थी कि एक मासूम बच्चा उस कमरे में दाखिल हुआ।

दीपक  को बुझे देख वह घबरा गया , उसकी आँखों से आंसू टपकने लगे और वह रुंआसा होते हुए बोला ,
“अरे , तुम दीपक  जलकर प्रकाश क्यों नहीं कर रहे , तुम्हे तो अंत तक जलना है ! तुम इस तरह बीच में हमें कैसे छोड़ के जा सकते हो ?”

तभी चौथा दीपक  बोला , ” प्यारे बच्चे घबराओ नहीं, मैं आशा हूँ और जब तक मैं जलता रहूँ हम बाकी दीपक  को फिर से जला सकते हैं। “

यह सुन बच्चे की आँखें चमक उठीं, और उसने आशा के बल पे शांति, विश्वास, और प्रेम को फिर से प्रकाशित कर दिया।

*➡️👏आज हमारी असफलता का मुख्य कारण यह है कि हम अपने लक्ष्य को लेकर स्वयं तैय्यार नहीं है।हम अपनी असफलता के लिए स्वयं की कमीयों को न दूर करके अपने घरवालों या मिलने वाले लोगों को दोषी ठहराया है।अतः हमें इस गलती को जल्द ही सुधार कर रुपरेखा बनाकर तैनात होना है।*

*👑↔️ग्रहण करने योग्य↔️👑*
*👨‍👩‍👧‍👦🤝➡️🔔भव्य आत्माओं , जब सबकुछ बुरा होते दिखे ,चारों तरफ अन्धकार ही अन्धकार नज़र आये , अपने भी पराये लगने लगें तो भी उम्मीद मत छोड़िये….आशा मत छोड़िये , क्योंकि इसमें इतनी शक्ति है कि ये हर खोई हुई शक्ति आपको वापस दिल सकती है। अपनी आशा के दीपक  को जलाये रखिये ,बस अगर ये जलता रहेगा तो आप किसी भी और दीपक  को प्रकाशित कर सकते हैं।आशा के दीपक को हमेशा तैयार रखने के लिए हमें उसे हवा से बचाकर उसकी बाती ओर घी का ख्याल रखना होगा। उसी प्रकार हमें अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उसके अनुसार स्वयं को  सकारात्मक सोच के साथ सभी तैयारियां करनी आवश्यक है।* 

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन किजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हमसभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए पूर्वोपार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्षमार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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